यमुनोत्री
यमुना के उद्गम क्षेत्र में स्थित धाम, जहाँ तप्त जलस्रोत इसकी विशिष्ट पहचान हैं।
विस्तार से
यमुनोत्री मंदिर यमुना के वास्तविक उद्गम से नीचे स्थित है — नदी बंदरपूँछ के चंपासर हिमनद से निकलती है। मंदिर के निकट सूर्य कुंड के खौलते जल में चावल पकाकर प्रसाद बनाने की परंपरा इसकी विशिष्ट पहचान है। परीक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उत्तराखंड में टोंस नदी जल-मात्रा में यमुना से बड़ी है, फिर भी उसे सहायक नदी माना जाता है।
मुख्य तथ्य
| ज़िला | उत्तरकाशी |
| हिमनद | बंदरपूँछ क्षेत्र |
| विशेष | सूर्य कुंड (तप्त स्रोत) |
परीक्षा-दृष्टि
- चार धाम का पश्चिमी धाम — यमुना का उद्गम क्षेत्र
और गहराई से
- यमुना का वास्तविक उद्गम चंपासर/बंदरपूँछ हिमनद; मंदिर उससे नीचे स्थित
- सूर्य कुंड के उबलते जल में चावल पकाकर प्रसाद बनाने की परंपरा
- यमुना उत्तराखंड में टोंस से मिलकर आगे बढ़ती है — टोंस जल-मात्रा में बड़ी