थारू व बुक्सा (तराई)
तराई की जनजातियाँ, जिनकी आजीविका कृषि और वन-उपज पर आधारित है।
विस्तार से
उत्तराखंड की तराई में थारू और बुक्सा दो प्रमुख जनजातियाँ हैं — थारू मुख्यतः खटीमा और सितारगंज में, बुक्सा गदरपुर और बाजपुर क्षेत्र में। इनकी आजीविका कृषि और वन-उपज पर आधारित रही है, और होली तथा दीपावली मनाने की इनकी अपनी विशिष्ट परंपराएँ हैं। वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन, भूमि-हस्तांतरण और तराई में बाहरी बसावट के दबाव इनके अध्ययन के केंद्रीय प्रश्न हैं।
मुख्य तथ्य
| क्षेत्र | ऊधम सिंह नगर · नैनीताल तराई |
| समुदाय | थारू · बुक्सा |
| आजीविका | कृषि व वन-उपज |
परीक्षा-दृष्टि
- तराई की जनजातियाँ — भूमि-अधिकार व वन अधिकार अधिनियम से जुड़े प्रश्न
और गहराई से
- थारू — खटीमा, सितारगंज क्षेत्र; बुक्सा — गदरपुर, बाजपुर
- होली व दीपावली की विशिष्ट थारू परंपराएँ
- वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन का अध्ययन-क्षेत्र