रूपकुंड
हिमालयी कुंड जिसके उथले जल में मिले प्राचीन कंकाल इसे रहस्यमय बनाते हैं।
विस्तार से
चमोली ज़िले में लगभग पाँच हज़ार मीटर की ऊँचाई पर स्थित रूपकुंड अपने उथले जल में बिखरे प्राचीन कंकालों के कारण 'कंकाल झील' कहलाती है। काल-निर्धारण से पता चला कि ये कंकाल एक ही काल के नहीं, बल्कि कई शताब्दियों के अलग-अलग समूहों के हैं, और आनुवंशिक अध्ययनों में एक समूह में भूमध्यसागरीय वंशानुक्रम के संकेत मिले — जिससे रहस्य सुलझने के बजाय और गहरा गया। यह झील नंदा राजजात के होमकुंड मार्ग पर पड़ती है।
मुख्य तथ्य
| ज़िला | चमोली |
| ऊँचाई | लगभग 5,020 मीटर |
| उपनाम | कंकाल झील |
परीक्षा-दृष्टि
- नंदा राजजात मार्ग पर — उच्च हिमालयी झीलों में परीक्षा-प्रिय
और गहराई से
- कंकालों का काल-निर्धारण लगभग 9वीं शताब्दी व एक बाद का समूह
- DNA अध्ययन में भूमध्यसागरीय वंशानुक्रम के संकेत — रहस्य गहराया
- नंदा राजजात के होमकुंड मार्ग पर पड़ता है