Devbhoomi PCSUKPCS & UKSSSC · उत्तराखंड परीक्षा तैयारी

रिंगाल शिल्प

पर्वतीय बाँस से टोकरी और चटाई बनाने की वन-आधारित पारंपरिक आजीविका।

विस्तार से

रिंगाल एक बौना बाँस है जो लगभग एक से ढाई हज़ार मीटर की ऊँचाई पर उगता है और मध्य हिमालयी पट्टी की एक प्रमुख गैर-काष्ठ वनोपज है। इससे टोकरी, सूप, चटाई, कलमदान और सजावटी वस्तुएँ बनाई जाती हैं। यह शिल्प वन-आधारित आजीविका का उदाहरण है, जिसमें कच्चा माल स्थानीय रूप से नवीकरणीय है। बाँस एवं रेशा विकास से जुड़ी योजनाएँ तथा स्वरोजगार कार्यक्रम इसे बाज़ार से जोड़ने का प्रयास करते हैं।

मुख्य तथ्य

कच्चा मालरिंगाल (पर्वतीय बाँस)
उत्पादटोकरी · चटाई · सजावट
क्षेत्रमध्य हिमालयी पट्टी

परीक्षा-दृष्टि

और गहराई से

← सभी उत्तराखंड GK विषय

निःशुल्क ऐप खोलें — devbhoomipcs.com