राजी (वन रावत)
वन-आश्रित जीवन जीने वाला राज्य का विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह।
विस्तार से
राजी अथवा वन रावत उत्तराखंड का विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह है, जो पिथौरागढ़ और चंपावत के सीमांत वनों में निवास करता है। पूर्व में यह समुदाय गुफाओं में रहकर शिकार और संग्रहण पर निर्भर था, और बाहरी समाज से न्यूनतम संपर्क रखता था। इनकी 'राजी' भाषा आज लुप्तप्राय है। जनसंख्या अत्यंत कम होने के कारण आवास, स्वास्थ्य और भाषा-संरक्षण इनके लिए विशेष नीतिगत ध्यान के विषय हैं।
मुख्य तथ्य
| क्षेत्र | पिथौरागढ़ · चंपावत |
| पहचान | विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह |
| परंपरा | वन-आश्रित जीवन |
परीक्षा-दृष्टि
- राज्य की सबसे छोटी जनजातियों में — संरक्षण नीति का विषय
और गहराई से
- PVTG श्रेणी; पिथौरागढ़-चंपावत के सीमांत वनों में
- पूर्व में गुफावासी व शिकारी-संग्राहक जीवन
- भाषा 'राजी' — लुप्तप्राय; संरक्षण की चुनौती