राजाजी राष्ट्रीय उद्यान
शिवालिक की तलहटी में फैला उद्यान, हाथी गलियारे का महत्वपूर्ण भाग।
विस्तार से
1983 में राजाजी, मोतीचूर और चीला अभयारण्यों के विलय से बना यह उद्यान 2015 में टाइगर रिज़र्व घोषित हुआ। सी. राजगोपालाचारी के नाम पर बना यह क्षेत्र शिवालिक हाथी गलियारे का महत्वपूर्ण भाग है, जहाँ एशियाई हाथी की बड़ी आबादी रहती है। यहाँ गुज्जर समुदाय का पुनर्वास वन अधिकार, आजीविका और संरक्षण के बीच संतुलन का अध्ययन-विषय रहा है।
मुख्य तथ्य
| ज़िले | हरिद्वार · देहरादून · पौड़ी |
| प्रजाति | एशियाई हाथी |
| दर्जा | टाइगर रिज़र्व |
परीक्षा-दृष्टि
- शिवालिक हाथी गलियारे का केंद्र — मानव-वन्यजीव संघर्ष का अध्ययन क्षेत्र
और गहराई से
- 1983 में तीन अभयारण्यों (राजाजी, मोतीचूर, चीला) के विलय से
- 2015 में टाइगर रिज़र्व घोषित
- सी. राजगोपालाचारी के नाम पर; गुज्जर समुदाय का पुनर्वास एक अध्ययन-विषय