नंदा राजजात यात्रा
लगभग हर बारह वर्ष में होने वाली हिमालय की सबसे लंबी धार्मिक पदयात्रा।
विस्तार से
लगभग हर बारह वर्ष में होने वाली नंदा राजजात हिमालय की सबसे लंबी धार्मिक पदयात्रा है, जो नौटी से आरंभ होकर लगभग 280 किलोमीटर की दूरी तय कर होमकुंड पर सम्पन्न होती है। यात्रा का नेतृत्व चौसिंग्या खाडू अर्थात चार सींगों वाला मेढ़ा करता है, जो इसकी सबसे विशिष्ट पहचान है। मार्ग रूपकुंड और बेदनी बुग्याल से होकर जाता है, जिससे यह धार्मिक परंपरा, लोक-संस्कृति और उच्च हिमालयी भूगोल को एक साथ जोड़ती है।
मुख्य तथ्य
| आवृत्ति | लगभग हर 12 वर्ष |
| मार्ग | नौटी → होमकुंड |
| उपनाम | हिमालय का महाकुंभ |
परीक्षा-दृष्टि
- चौसिंग्या खाडू (चार सींगों वाला मेढ़ा) यात्रा का प्रतीक
और गहराई से
- नौटी (कर्णप्रयाग) से आरंभ, होमकुंड पर समापन — लगभग 280 किमी
- चौसिंग्या खाडू यात्रा का नेतृत्व करता है
- अंतिम यात्राएँ 2000 व 2014 में सम्पन्न