नंदा देवी
भारत की दूसरी सर्वोच्च चोटी और राज्य की सांस्कृतिक-आस्था का केंद्र।
विस्तार से
7,816 मीटर ऊँची नंदा देवी भारत की दूसरी सर्वोच्च चोटी है और उत्तराखंड की सांस्कृतिक आस्था का केंद्र भी। 1934 में शिप्टन और टिलमैन ने इसके आंतरिक अभयारण्य तक पहुँच बनाई, किंतु 1982 से आरोहण प्रतिबंधित है। साठ के दशक में यहाँ भारत-अमेरिका के संयुक्त अभियान का परमाणु-संचालित निगरानी उपकरण खो जाने की घटना आज भी पर्यावरणीय चिंता का विषय है। इसी शिखर की परिक्रमा नंदा राजजात यात्रा करती है।
मुख्य तथ्य
| ऊँचाई | 7,816 मीटर |
| स्थान | भारत की दूसरी सर्वोच्च |
| दर्जा | बायोस्फीयर रिज़र्व (UNESCO) |
परीक्षा-दृष्टि
- नंदा राजजात यात्रा ~12 वर्षों में — संस्कृति खंड में भी पूछी जाती है
और गहराई से
- 1934 में शिप्टन-टिलमैन द्वारा अभ्यागम; 1982 से आरोहण प्रतिबंधित
- 1960 के दशक में CIA-IB का परमाणु-संचालित उपकरण खोने की घटना
- नंदा देवी व फूलों की घाटी संयुक्त रूप से UNESCO सूची में