नानकमत्ता व रीठा साहिब
गुरु नानक देव की यात्रा से जुड़े उत्तराखंड के प्रमुख सिख तीर्थस्थल।
विस्तार से
उत्तराखंड की सिख विरासत तराई और पर्वत दोनों में फैली है। ऊधम सिंह नगर स्थित नानकमत्ता पहले 'गोरखमत्ता' कहलाता था और गुरु नानक देव की यात्रा के बाद इसका नाम बदला। चंपावत का रीठा साहिब मीठे रीठों की लोक-कथा से जुड़ा है। ये स्थल राज्य की धार्मिक विविधता तथा मध्यकालीन संत-परंपरा के प्रसार को समझने के लिए उपयोगी हैं।
मुख्य तथ्य
| ज़िले | ऊधम सिंह नगर · चंपावत |
| परंपरा | गुरु नानक देव यात्रा-स्थल |
| क्षेत्र | तराई व पर्वत |
परीक्षा-दृष्टि
- उत्तराखंड के सिख तीर्थ — सांस्कृतिक विविधता के प्रश्नों में उपयोगी
और गहराई से
- नानकमत्ता पहले 'गोरखमत्ता' कहलाता था
- रीठा साहिब में मीठे रीठे की लोक-कथा
- उधम सिंह नगर व चंपावत — तराई व पर्वत दोनों में सिख विरासत