नैनीताल व झील-समूह
विवर्तनिक क्रिया से बनी झीलों का समूह, कुमाऊँ का प्रमुख पर्यटन केंद्र।
विस्तार से
नैनीताल का विकास 1841 में पी. बैरन द्वारा हुआ और यहाँ की नैना देवी शक्तिपीठ मानी जाती है। 1880 के विनाशकारी भूस्खलन ने नगर का बड़ा भाग नष्ट कर दिया, और आज का 'फ़्लैट्स' क्षेत्र उसी मलबे पर बना है। आसपास भीमताल सबसे बड़ी झील है, नौकुचियाताल के नौ कोने हैं और सातताल सात झीलों का समूह है। बढ़ते निर्माण और पर्यटन दबाव से इन झील-नगरों में भू-धँसाव और जल-गुणवत्ता के प्रश्न गंभीर होते जा रहे हैं।
मुख्य तथ्य
| प्रकार | प्राकृतिक (विवर्तनिक) झील |
| समूह | भीमताल · सातताल · नौकुचियाताल |
| ज़िला | नैनीताल |
परीक्षा-दृष्टि
- झील-नगरों पर पर्यटन दबाव व भू-धँसाव — समकालीन मुद्दा
और गहराई से
- 1841 में पी. बैरन द्वारा विकसित; नैना देवी शक्तिपीठ
- 1880 का भूस्खलन — फ़्लैट्स क्षेत्र उसी का परिणाम
- भीमताल सबसे बड़ी; नौकुचियाताल नौ कोनों वाली; सातताल सात झीलों का समूह