कटारमल सूर्य मंदिर
कोसी घाटी के ऊपर स्थित दुर्लभ सूर्य मंदिर, कत्यूरी स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण।
विस्तार से
कोसी घाटी के ऊपर स्थित कटारमल कोणार्क के बाद देश के प्रमुख सूर्य मंदिरों में गिना जाता है और स्थानीय रूप से 'बड़ आदित्य' कहलाता है। मुख्य मंदिर के चारों ओर लगभग पैंतालीस छोटे मंदिर बने हैं, जो कत्यूरी स्थापत्य की परिपक्वता दर्शाते हैं। इसका उत्कृष्ट नक्काशीदार काष्ठ द्वार अब दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में सुरक्षित है — धरोहर-संरक्षण और स्थल से कलाकृति हटाने की बहस का एक उदाहरण।
मुख्य तथ्य
| ज़िला | अल्मोड़ा |
| काल | कत्यूरी शासन |
| विशेष | कोणार्क के बाद प्रमुख सूर्य मंदिर |
परीक्षा-दृष्टि
- दुर्लभ सूर्य-उपासना स्थल — कत्यूरी स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण
और गहराई से
- मुख्य मंदिर के चारों ओर लगभग 45 छोटे मंदिर
- 'बड़ आदित्य' नाम से प्रसिद्ध; नक्काशीदार काष्ठ द्वार अब राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली में
- सूर्य उपासना का प्रसार — मोढेरा व कोणार्क से तुलनात्मक प्रश्न