खलंगा युद्ध स्मारक
आंग्ल-गोरखा युद्ध की स्मृति में देहरादून के निकट बना दुर्लभ स्मारक।
विस्तार से
1814 के आंग्ल-गोरखा युद्ध में देहरादून के निकट नालापानी दुर्ग पर बलभद्र कुँवर के नेतृत्व में गोरखा सैनिकों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में प्रतिरोध किया। युद्ध के बाद 1815 की सुगौली संधि से गोरखा शासन समाप्त हुआ और कुमाऊँ-गढ़वाल ब्रिटिश अधीन आ गए। इस स्थल का स्मारक विश्व में दुर्लभ है क्योंकि इसे विजेता अंग्रेज़ों ने पराजित शत्रु के साहस के सम्मान में बनवाया था।
मुख्य तथ्य
| स्थान | नालापानी, देहरादून |
| काल | आंग्ल-गोरखा युद्ध |
| स्मृति | बलभद्र कुँवर |
परीक्षा-दृष्टि
- शत्रु द्वारा शत्रु के सम्मान में बना दुर्लभ स्मारक — गोरखा काल का अध्याय
और गहराई से
- 1814 नालापानी युद्ध; बलभद्र कुँवर के नेतृत्व में गोरखा प्रतिरोध
- 1815 सुगौली संधि से गोरखा शासन समाप्त, कुमाऊँ-गढ़वाल ब्रिटिश अधीन
- स्मारक पर शत्रु-सम्मान का उल्लेख — विश्व में दुर्लभ