केदारनाथ
गढ़वाल हिमालय में मंदाकिनी के तट पर स्थित ज्योतिर्लिंग, चार धाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव।
विस्तार से
मंदाकिनी घाटी के शीर्ष पर स्थित केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च ऊँचाई वाला है। कत्यूरी-नागर शैली में विशाल शिलाखंडों को बिना गारे के जोड़कर बनी संरचना ने 2013 की भीषण आपदा भी झेली, जब चोराबारी झील के फटने से आया मलबा-प्रवाह पूरे कस्बे को बहा ले गया। यह घटना हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) का भारत में सबसे उद्धृत उदाहरण बनी, और इसके बाद हुए पुनर्निर्माण में आपदा-रोधी नियोजन तथा तीर्थ-स्थलों की वहन-क्षमता पर नीतिगत बहस खड़ी हुई।
मुख्य तथ्य
| ज़िला | रुद्रप्रयाग |
| नदी | मंदाकिनी |
| समूह | पंच केदार · चार धाम |
परीक्षा-दृष्टि
- 2013 आपदा के बाद पुनर्निर्माण — आपदा प्रबंधन प्रश्नों से जुड़ता है
और गहराई से
- मंदिर की स्थापत्य शैली कत्यूरी-नागर मिश्रण; विशाल शिलाखंडों की जोड़ाई बिना गारे के
- 2013 केदारनाथ आपदा: चोराबारी झील का फटना — GLOF का भारतीय उदाहरण
- पुनर्निर्माण में आपदा-रोधी नियोजन व वहन-क्षमता (carrying capacity) के प्रश्न उठे