कौसानी व अनासक्ति आश्रम
हिमालय दर्शन के लिए प्रसिद्ध स्थल, गांधीजी के प्रवास और कवि पंत की जन्मभूमि।
विस्तार से
बागेश्वर ज़िले का कौसानी हिमालय दर्शन के लिए प्रसिद्ध है और इसे 'भारत का स्विट्ज़रलैंड' कहा जाता है। 1929 में गांधीजी यहाँ ठहरे और इसी प्रवास में उन्होंने 'अनासक्ति योग' लिखी, जिससे आश्रम को यह नाम मिला। यह छायावाद के प्रमुख कवि सुमित्रानंदन पंत की जन्मभूमि भी है। इस प्रकार एक ही स्थल स्वतंत्रता आंदोलन, दार्शनिक लेखन और हिंदी साहित्य तीनों से जुड़ जाता है।
मुख्य तथ्य
| ज़िला | बागेश्वर (कौसानी) |
| प्रसंग | गांधीजी का प्रवास |
| कवि | सुमित्रानंदन पंत की जन्मभूमि |
परीक्षा-दृष्टि
- 'भारत का स्विट्ज़रलैंड' — साहित्य व स्वतंत्रता आंदोलन दोनों से जुड़ा
और गहराई से
- 1929 में गांधीजी का प्रवास; 'अनासक्ति योग' यहीं लिखी
- सुमित्रानंदन पंत की जन्मस्थली — छायावाद के प्रमुख कवि
- पिंडारी हिमनद व त्रिशूल दृश्य के लिए प्रसिद्ध