कालसी अशोक शिलालेख
यमुना घाटी में स्थित उत्तराखंड का एकमात्र प्रमुख अशोककालीन शिलालेख।
विस्तार से
यमुना और टोंस के संगम के निकट कालसी में उत्तराखंड का एकमात्र प्रमुख अशोककालीन शिलालेख स्थित है, जिस पर चौदह प्रमुख शिलाप्रज्ञापन ब्राह्मी लिपि और प्राकृत भाषा में उत्कीर्ण हैं। शिला पर हाथी की आकृति और 'गजतमे' शब्द अंकित होना इसकी विशिष्ट पहचान है। इसकी खोज उन्नीसवीं सदी के मध्य में हुई, और यह मौर्य साम्राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिमालयी विस्तार का ठोस प्रमाण प्रस्तुत करता है।
मुख्य तथ्य
| ज़िला | देहरादून (कालसी) |
| शासक | सम्राट अशोक |
| लिपि | ब्राह्मी · प्राकृत |
परीक्षा-दृष्टि
- उत्तराखंड में अशोक का एकमात्र प्रमुख शिलालेख — प्राचीन इतिहास का अनिवार्य तथ्य
और गहराई से
- यहाँ अशोक के 14 शिलाप्रज्ञापन (major rock edicts) उत्कीर्ण
- हाथी की आकृति व 'गजतमे' शब्द अंकित — विशिष्ट पहचान
- 1860 में फॉरेस्ट द्वारा खोजा गया; यमुना-टोंस संगम के निकट