जौनसार-बावर
विशिष्ट काष्ठ स्थापत्य और लोक-परंपराओं वाला जनजातीय क्षेत्र।
विस्तार से
देहरादून ज़िले का जौनसार-बावर क्षेत्र जौनसारी अनुसूचित जनजाति का निवास है, जिसकी सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराएँ शेष उत्तराखंड से भिन्न हैं। हनोल का महासू देवता मंदिर यहाँ का प्रमुख आस्था-केंद्र है और पांडव-वंश से जुड़ी लोक-मान्यताएँ प्रचलित हैं। बहुमंजिला काष्ठ स्थापत्य, हारुल और बारदा जैसे लोकनृत्य, तथा 'खत' और 'सयाणा' की परंपरागत प्रशासनिक इकाइयाँ इसे जनजातीय अध्ययन का समृद्ध क्षेत्र बनाती हैं।
मुख्य तथ्य
| क्षेत्र | देहरादून (जौनसार-बावर) |
| समुदाय | जौनसारी (अनुसूचित जनजाति) |
| विशेष | काष्ठ स्थापत्य · लोकनृत्य |
परीक्षा-दृष्टि
- विशिष्ट सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराएँ — जनजातीय खंड का प्रमुख क्षेत्र
और गहराई से
- जौनसारी अनुसूचित जनजाति; हनोल का महासू देवता मंदिर प्रमुख
- पांडव-वंश से जुड़ी लोक-मान्यताएँ; हारुल व बारदा लोकनृत्य
- खत व सयाणा — परंपरागत सामाजिक-प्रशासनिक इकाई