जागेश्वर मंदिर समूह
देवदार वनों के बीच बसा कत्यूरी-कालीन शिव मंदिरों का विशाल समूह।
विस्तार से
देवदार वनों से घिरा जागेश्वर लगभग सवा सौ मंदिरों का समूह है, जिसका विकास कत्यूरी काल में हुआ। मृत्युंजय और दंडेश्वर यहाँ के प्रमुख मंदिर हैं, और समूह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है। पास का पुरातत्व संग्रहालय कत्यूरी तथा चंद कालीन मूर्तिकला का संग्रह प्रस्तुत करता है। ध्यान रहे कि इसे 'आठवाँ ज्योतिर्लिंग' कहने की लोक-मान्यता प्रचलित है, किंतु आधिकारिक द्वादश ज्योतिर्लिंग सूची में इसका नाम नहीं है — यही भ्रम परीक्षा में पूछा जाता है।
मुख्य तथ्य
| ज़िला | अल्मोड़ा |
| काल | कत्यूरी (~7-12वीं शती) |
| संख्या | लगभग 125 मंदिर |
परीक्षा-दृष्टि
- नागर शैली का पर्वतीय रूप — स्थापत्य से नियमित प्रश्न
और गहराई से
- मृत्युंजय व दंडेश्वर प्रमुख मंदिर; ASI संरक्षित समूह
- पास में जागेश्वर पुरातत्व संग्रहालय — कत्यूरी व चंद कालीन मूर्तियाँ
- 'आठवाँ ज्योतिर्लिंग' की लोक-मान्यता परीक्षा में भ्रम पैदा करती है — यह आधिकारिक सूची में नहीं