हरेला
श्रावण के आरंभ में हरियाली और वृक्षारोपण का कुमाऊँनी लोकपर्व।
विस्तार से
श्रावण मास के आरंभ में मनाया जाने वाला हरेला कुमाऊँ का प्रमुख ऋतु-पर्व है, जिसमें बोए गए अन्न के अंकुर काटकर आशीर्वाद स्वरूप ग्रहण किए जाते हैं। परंपरा में चैत्र और आश्विन में भी हरेला बोया जाता है। हरियाली और नवजीवन का यह प्रतीक अब राज्य के वृक्षारोपण अभियानों से संस्थागत रूप से जुड़ चुका है, जिससे यह पर्यावरण नीति और लोक-संस्कृति के अंतर्संबंध का अच्छा उदाहरण बन गया है।
मुख्य तथ्य
| काल | श्रावण मास आरंभ |
| क्षेत्र | कुमाऊँ प्रमुख |
| भाव | हरियाली · वृक्षारोपण |
परीक्षा-दृष्टि
- राज्य के वृक्षारोपण अभियान से जुड़ा — पर्यावरण + संस्कृति दोनों
और गहराई से
- श्रावण के अतिरिक्त चैत्र व आश्विन में भी हरेला बोया जाता है
- देवीधुरा की बग्वाल व हरेला — कुमाऊँ के ऋतु-पर्व
- राज्य में हरेला पर वृक्षारोपण अभियान संस्थागत रूप ले चुका है