हर की पैड़ी
वह घाट जहाँ गंगा पर्वतों से उतरकर मैदान में प्रवेश करती है; कुंभ का प्रमुख स्थल।
विस्तार से
हरिद्वार में हर की पैड़ी का ब्रह्मकुंड कुंभ स्नान का मुख्य स्थल है और इसके निर्माण का श्रेय परंपरा में विक्रमादित्य को दिया जाता है। भौगोलिक दृष्टि से यह वह बिंदु है जहाँ गंगा शिवालिक पार कर मैदान में प्रवेश करती है, जिससे नदी की आकृति और गाद-प्रवाह दोनों बदल जाते हैं। यहीं से ऊपरी गंगा नहर भी निकलती है, जो उन्नीसवीं सदी की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में थी।
मुख्य तथ्य
| नदी | गंगा (मैदान-प्रवेश) |
| आयोजन | कुंभ / अर्धकुंभ |
| ज़िला | हरिद्वार |
परीक्षा-दृष्टि
- गंगा पर्वत से मैदान में यहीं उतरती है — भूगोल व संस्कृति दोनों में
और गहराई से
- ब्रह्मकुंड — कुंभ स्नान का मुख्य स्थल; विक्रमादित्य द्वारा निर्माण की मान्यता
- हरिद्वार में गंगा नहर का शीर्ष कार्य — ऊपरी गंगा नहर यहीं से
- कुंभ चक्र: हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन, नासिक — 12 वर्ष