गौरा देवी की रैणी
चिपको आंदोलन का उद्गम गाँव, जहाँ महिला मंगल दल ने वन बचाए।
विस्तार से
चमोली का रैणी गाँव 26 मार्च 1974 को इतिहास में दर्ज हुआ, जब गाँव के पुरुष मुआवज़े के मामले में चमोली गए थे और ठेकेदार वन काटने पहुँचे। महिला मंगल दल की प्रमुख गौरा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने पेड़ों से चिपककर उन्हें रोक दिया। यही घटना चिपको आंदोलन का प्रतीक बनी। राज्य की गौरा देवी कन्या धन योजना इन्हीं के सम्मान में है। विडंबना यह कि यही गाँव 2021 की चमोली आपदा से भी प्रभावित हुआ।
मुख्य तथ्य
| गाँव | रैणी, चमोली |
| वर्ष | 1974 |
| भूमिका | महिला मंगल दल नेतृत्व |
परीक्षा-दृष्टि
- गौरा देवी कन्या धन योजना का नाम इन्हीं के सम्मान में
और गहराई से
- 26 मार्च 1974 — महिला मंगल दल ने ठेकेदारों को रोका
- पुरुष उस दिन मुआवज़े हेतु चमोली गए थे — इसीलिए महिलाओं का नेतृत्व
- रैणी 2021 की चमोली आपदा से भी प्रभावित