दर्रे: लिपुलेख · माणा · नीति
तिब्बत की ओर खुलने वाले सीमांत दर्रे, व्यापार व सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण।
विस्तार से
उत्तराखंड के सीमांत दर्रे तिब्बत की ओर खुलते हैं और ऐतिहासिक रूप से व्यापार-मार्ग रहे हैं। पिथौरागढ़ का लिपुलेख कैलास मानसरोवर यात्रा का मार्ग है और भारत-नेपाल-चीन त्रिसंगम के निकट होने से सामरिक दृष्टि से संवेदनशील है। चमोली में माणा और नीति दर्रे स्थित हैं, जहाँ से भोटिया व्यापारी तिब्बत जाते थे। इन क्षेत्रों में सीमा सड़क परियोजनाएँ सामरिक आवश्यकता और हिमालयी पारिस्थितिकी के बीच निरंतर बहस का विषय हैं।
मुख्य तथ्य
| लिपुलेख | पिथौरागढ़ — कैलास मार्ग |
| माणा | चमोली |
| नीति | चमोली |
परीक्षा-दृष्टि
- सीमांत दर्रे — व्यापार, सामरिक महत्त्व व सड़क परियोजनाओं से जुड़े
और गहराई से
- लिपुलेख — कैलास मानसरोवर मार्ग, भारत-नेपाल-चीन त्रिसंगम के निकट
- माणा व नीति चमोली में; नीति दर्रा भोटिया व्यापार का पुराना मार्ग
- सीमा सड़क परियोजनाएँ — सामरिक व पर्यावरणीय बहस