देवीधुरा बग्वाल
रक्षाबंधन पर वाराही मंदिर प्रांगण में होने वाला अनूठा पारंपरिक मेला।
विस्तार से
चंपावत के देवीधुरा में वाराही देवी मंदिर प्रांगण में रक्षाबंधन पर होने वाली बग्वाल एक अनूठी पारंपरिक प्रतियोगिता है, जिसमें चार खाम और सात थोक के लोग परंपरागत रूप से भाग लेते हैं। पहले इसमें पाषाण-प्रहार होता था, किंतु अब फल और फूलों का प्रयोग किया जाता है — परंपरा को जीवित रखते हुए उसमें सुधार का उल्लेखनीय उदाहरण। यह मेला कुमाऊँ की लोक-आस्था और सामुदायिक संगठन दोनों को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
| स्थान | देवीधुरा, चंपावत |
| काल | रक्षाबंधन |
| स्वरूप | पारंपरिक अनुष्ठानिक मेला |
परीक्षा-दृष्टि
- वाराही देवी मंदिर से जुड़ा — अनूठी लोक-परंपरा, संस्कृति खंड में उल्लेखनीय
और गहराई से
- वाराही देवी मंदिर; चार खाम व सात थोक की परंपरागत भागीदारी
- अब पाषाण के स्थान पर फल-फूल का प्रयोग — सुधार का उदाहरण
- रक्षाबंधन पर आयोजित; चंपावत ज़िला