बिनसर अभयारण्य
बाँज-बुरांश वनों से आच्छादित अभयारण्य, जहाँ से हिमालय का विस्तृत दृश्य दिखता है।
विस्तार से
1988 में अभयारण्य घोषित बिनसर पहले चंद राजाओं की ग्रीष्मकालीन राजधानी था। यहाँ के ज़ीरो पॉइंट से केदारनाथ, नंदा देवी, त्रिशूल और पंचाचूली तक का विस्तृत हिमालयी दृश्य दिखाई देता है। पारिस्थितिक दृष्टि से इसका महत्त्व बाँज वनों में है, जो भूजल पुनर्भरण और जलस्रोतों के पोषण में चीड़ की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी हैं — यह तुलना पर्यावरण खंड में बार-बार पूछी जाती है।
मुख्य तथ्य
| ज़िला | अल्मोड़ा |
| वनस्पति | बाँज (ओक) · बुरांश |
| दृश्य | हिमालय पैनोरमा |
परीक्षा-दृष्टि
- बाँज वनों का जल-संरक्षण में महत्त्व — पारिस्थितिकी का प्रिय प्रश्न
और गहराई से
- 1988 में अभयारण्य घोषित; चंद राजाओं की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही
- ज़ीरो पॉइंट से केदारनाथ, नंदा देवी, त्रिशूल व पंचाचूली दिखते हैं
- बाँज वन भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण — चीड़ से तुलना पूछी जाती है