ऐपण कला
गेरू और बिस्वार से बनाई जाने वाली कुमाऊँ की अनुष्ठानिक अल्पना कला।
विस्तार से
कुमाऊँ की ऐपण गेरू की लाल पृष्ठभूमि पर चावल के घोल 'बिस्वार' से बनाई जाने वाली अनुष्ठानिक अल्पना है। चौकी, ज्यूँति-मातृका और विवाह-चौकी इसके प्रमुख प्रकार हैं, जिनमें लक्ष्मी के पद-चिह्न, स्वस्तिक और शंख जैसे आवर्ती प्रतीक मिलते हैं। परंपरागत रूप से यह भूमि और देहरी पर बनाई जाती थी, किंतु अब कागज़, वस्त्र और उत्पादों पर इसका व्यावसायिक रूप विकसित हुआ है, जिससे यह GI-टैग प्राप्त आजीविका-स्रोत भी बन गई है।
मुख्य तथ्य
| क्षेत्र | कुमाऊँ (अल्मोड़ा) |
| सामग्री | गेरू + बिस्वार |
| दर्जा | GI टैग प्राप्त |
परीक्षा-दृष्टि
- अनुष्ठानिक अल्पना — विवाह, पूजा व त्योहारों से जुड़ी
और गहराई से
- चौकी, ज्यूँति-मातृका व विवाह-चौकी प्रमुख प्रकार
- लक्ष्मी पद, स्वस्तिक व शंख जैसे आवर्ती प्रतीक
- अब कागज़, वस्त्र व उत्पादों पर व्यावसायिक रूप — आजीविका से जुड़ाव