विजयनगर, भक्ति व सूफ़ी आंदोलन
विजयनगर (1336): हरिहर-बुक्का (संगम वंश) द्वारा स्थापित; कृष्णदेवराय (1509–29) — 'आमुक्तमाल्यद' के रचयिता, बाबर के समकालीन; राजधानी हम्पी (यूनेस्को); तालीकोटा 1565 में पतन। भक्ति: दक्षिण में आलवार-नयनार → रामानुज; उत्तर में निर्गुण — कबीर, नानक, रैदास; सगुण — तुलसीदास, सूरदास, मीराबाई, चैतन्य। सूफ़ी: सिलसिले — चिश्ती (मोइनुद्दीन चिश्ती, अजमेर; निज़ामुद्दीन औलिया, दिल्ली), सुहरावर्दी (मुल्तान); ख़ानक़ाह व समा।
विजयनगर — वंश व प्रशासन
| वंश | स्मरणीय |
|---|---|
| संगम | 1336 — हरिहर-बुक्का; विद्यारण्य-परंपरा |
| सालुव | संक्रमण |
| तुलुव | कृष्णदेवराय (1509-29) — आमुक्तमाल्यद |
| अराविडु | तालीकोटा (1565) के बाद |
विजयनगर — नगर व यात्री
- हम्पी — विरुपाक्ष व विट्ठल मंदिर (पाषाण-रथ); नायंकर व्यवस्था।
- यात्री: निकोलो कोंटी; अब्दुर रज़्ज़ाक (देवराय II); पेस व नुनिज़ (कृष्णदेवराय-युग)।
- प्रतिद्वंद्वी: बहमनी (1347); महमूद गवाँ — बीदर मदरसा, 1481 में वध; पाँच दक्कनी सल्तनतें।
भक्ति आंदोलन
- दक्षिण: आलवार (विष्णु) व नयनार (शिव); आचार्य — शंकर (अद्वैत), रामानुज (विशिष्टाद्वैत), मध्व (द्वैत)।
- निर्गुण: कबीर (बीजक), नानक, रैदास — जाति-खंडन, सधुक्कड़ी वाणी।
- सगुण: तुलसीदास (रामचरितमानस), सूरदास (सूरसागर), मीराबाई, चैतन्य (कीर्तन); महाराष्ट्र — ज्ञानेश्वर, नामदेव, तुकाराम (वारकरी)।
सूफ़ी सिलसिले
| सिलसिला | केंद्र/स्वभाव |
|---|---|
| चिश्ती | अजमेर (मोइनुद्दीन), दिल्ली (निज़ामुद्दीन); राज्य से दूरी |
| सुहरावर्दी | मुल्तान; राज्य-सहयोगी |
| नक़्शबंदी | कठोर-परंपरावादी |
| क़ादरी | दारा शिकोह का झुकाव |
प्रभाव
- देशी भाषाओं का साहित्य, जाति-प्रश्न पर प्रहार, हिंदू-मुस्लिम समन्वय; ख़ानक़ाह-समा की लोक-पहुँच।
उत्तराखंड कोण
- बद्री-केदार तीर्थ-पथ ने पहाड़ को अखिल-भारतीय भक्ति-तंत्र से जोड़ा — शंकर-परंपरा की मठ-व्यवस्था इसकी धुरी।
परीक्षा-सूत्र
- 1336, 1565; पेस-रज़्ज़ाक; गवाँ; आचार्य-दर्शन युग्म; सिलसिला-केंद्र मिलान।
विगत वर्ष प्रश्न
विजयनगर की स्थापना; कृष्णदेवराय की रचना (पैटर्न)
अभ्यास प्रश्न
1. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना (1336) किसने की?
- हरिहर और बुक्का
- कृष्णदेवराय
- राजराज चोल
- देवराय II
उत्तर: हरिहर और बुक्का
संगम वंश के दो भाई — तुंगभद्रा तट पर।
2. 'आमुक्तमाल्यद' के रचयिता —
- कृष्णदेवराय
- हरिहर
- बाणभट्ट
- अमीर खुसरो
उत्तर: कृष्णदेवराय
तेलुगु महाकाव्य — 'आंध्र भोज' कृष्णदेवराय की कृति।
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