वैदिक काल
वैदिक काल (लगभग 1500–600 ई.पू.) ऋग्वैदिक व उत्तर-वैदिक चरणों में बँटा है। चार वेद — ऋग्, साम, यजुर्, अथर्व — तथा सभा व समिति जैसी संस्थाएँ इस काल की देन हैं।
स्रोत — वैदिक साहित्य
- ऋग्वेद — प्राचीनतम (10 मंडल, 1028 सूक्त); सामवेद — संगीत; यजुर्वेद — यज्ञ-विधि; अथर्ववेद — लोक-जीवन।
- क्रम — ब्राह्मण → आरण्यक → उपनिषद (दर्शन); 'सत्यमेव जयते' — मुंडकोपनिषद से।
ऋग्वैदिक राजनीति व समाज
- सप्त-सिंधु क्षेत्र; जन → विश → ग्राम; सभा-समिति राजा पर अंकुश।
- पशुचारी अर्थ — गाय ही धन (गोमत/गविष्टि); प्रमुख देव — इंद्र, अग्नि, वरुण।
- स्त्री: विदुषियाँ — गार्गी, मैत्रेयी, अपाला, लोपामुद्रा; उत्तर-वैदिक काल में स्थिति गिरी।
उत्तर-वैदिक परिवर्तन
- लोहा ('कृष्ण अयस') + चित्रित धूसर मृदभांड (PGW) — गंगा-घाटी में स्थायी कृषि।
- क्षेत्रीय जनपद; बलि स्वैच्छिक भेंट से कर बना; वर्ण कठोर; बड़े यज्ञ — राजसूय, अश्वमेध, वाजपेय।
उत्तराखंड कोण
- पुराण-परंपरा — गढ़वाल 'केदारखंड', कुमाऊँ 'मानसखंड'; महाभारत-परंपरा में पांडवों का हिमालय-पथ; लाखामंडल (देहरादून) की परंपरा।
परीक्षा-सूत्र
- प्राचीनतम वेद; गायत्री मंत्र — ऋग्वेद; सत्यमेव जयते — मुंडकोपनिषद; सभा-समिति; PGW-लोहा युग्म।
विगत वर्ष प्रश्न
सबसे प्राचीन वेद कौन-सा है? (प्रीलिम्स 2018)
अभ्यास प्रश्न
1. सबसे प्राचीन वेद कौन-सा है?
- ऋग्वेद
- सामवेद
- यजुर्वेद
- अथर्ववेद
उत्तर: ऋग्वेद
ऋग्वेद चारों वेदों में सबसे प्राचीन है।
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