उत्तराखंड राज्य आंदोलन
पृथक पर्वतीय राज्य की माँग ने 1990 के दशक में ज़ोर पकड़ा। 1994 का रामपुर तिराहा (मुज़फ़्फ़रनगर) कांड एक निर्णायक मोड़ था। 9 नवम्बर 2000 को उत्तरांचल बना, जिसे 2007 में उत्तराखंड नाम दिया गया।
पृथक राज्य क्यों
- पर्वतीय उपेक्षा, भिन्न भूगोल-पहचान, पलायन व 'मनीऑर्डर अर्थव्यवस्था' — मैदानी उ.प्र. से अलग ज़रूरतें।
घटनाक्रम
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1938 | श्रीनगर (गढ़वाल) कांग्रेस अधिवेशन — पर्वतीय इकाई की माँग की परंपरा |
| 1979 | उत्तराखंड क्रांति दल (मसूरी) |
| 1-2 सित. 1994 | खटीमा व मसूरी गोलीकांड |
| 2 अक्टू. 1994 | रामपुर तिराहा (मुज़फ़्फ़रनगर) कांड |
| अगस्त 2000 | उ.प्र. पुनर्गठन अधिनियम |
| 9 नव. 2000 | 27वाँ राज्य 'उत्तरांचल' |
| 1 जन. 2007 | नाम 'उत्तराखंड' |
| 2020 | गैरसैंण (भराड़ीसैंण) ग्रीष्म राजधानी |
शहादत की स्मृति
- खटीमा-मसूरी-तिराहा के शहीद आंदोलन की नैतिक धुरी बने; 2 अक्टूबर की स्मृति आज भी राजनीति-समाज को मथती है।
नए राज्य की नींव
- प्रथम मुख्यमंत्री — नित्यानंद स्वामी; अंतरिम विधानसभा; राजधानी-प्रश्न — देहरादून (अस्थायी) बनाम गैरसैंण-भावना।
परीक्षा-सूत्र
- 1979 UKD; 1994 की तीन घटनाएँ; 9 नवंबर 2000; 2007 नामकरण; प्रथम CM; गैरसैंण 2020।
विगत वर्ष प्रश्न
उत्तराखंड राज्य का गठन कब हुआ? (प्रीलिम्स 2017)
अभ्यास प्रश्न
1. उत्तराखंड (उत्तरांचल) राज्य किस तिथि को अस्तित्व में आया?
- 9 नवम्बर 2000
- 1 जनवरी 2001
- 15 अगस्त 2000
- 26 जनवरी 2001
उत्तर: 9 नवम्बर 2000
उत्तरांचल 9 नवम्बर 2000 को बना; 2007 में उत्तराखंड नाम मिला।
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