उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाएँ
उत्तराखंड भूकंपीय ज़ोन IV–V में आता है; 1991 उत्तरकाशी व 1999 चमोली भूकंप इसके उदाहरण हैं। राज्य में भूस्खलन, बादल फटना, आकस्मिक बाढ़ (2013 केदारनाथ), हिमनद-झील विस्फोट/हिमस्खलन (2021 चमोली-ऋषिगंगा) व भू-धंसाव (2023 जोशीमठ) जैसी आपदाएँ बार-बार होती हैं। नाज़ुक भूविज्ञान व अनियोजित निर्माण इन्हें बढ़ाते हैं।
क्यों संवेदनशील
- नवीन, कच्चा हिमालय; भूकंपीय क्षेत्र IV-V; मुख्य केंद्रीय भ्रंश (MCT) पर स्थित; तीव्र ढाल + मानसूनी अतिवृष्टि।
भूकंप
- उत्तरकाशी 1991 (M6.8, 20 अक्टूबर); चमोली 1999 (M6.8, 29 मार्च) — गढ़वाल भूकंपीय-अंतराल में।
आपदाओं की समय-रेखा
| वर्ष | आपदा |
|---|---|
| 1803 | बड़ा भूकंप — गढ़वाल राज्य कमज़ोर |
| 1970 | अलकनंदा महाबाढ़ — चिपको की पृष्ठभूमि |
| 1991 | उत्तरकाशी भूकंप |
| 1998 | मालपा भूस्खलन (काली घाटी) |
| 2013 | केदारनाथ जल-प्रलय (जून) — GLOF+अतिवृष्टि |
| 2021 | रैणी/ऋषिगंगा हिम-शैल स्खलन (फ़र.) |
| 2023 | जोशीमठ भू-धँसाव |
आपदाओं के प्रकार
- भूकंप; भूस्खलन; बादल-फटना व आकस्मिक बाढ़; हिमनद-झील विस्फोट (GLOF); हिमस्खलन; दावानल; भू-धँसाव।
मानव-जनित तीव्रण
- अनियोजित निर्माण, वहन-क्षमता की अनदेखी, नदी-पथ अतिक्रमण, सुरंग-विस्फोट, परियोजना-मलबा (2013 श्रीनगर), वन-कटान।
प्रबंधन ढाँचा
- आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 → NDMA (केंद्र), SDMA (राज्य), DDMA (जिला); उत्तराखंड में USDMA व SDRF।
परीक्षा-सूत्र
- आपदा-वर्ष मिलान (1991/1999/2013/2021/2023); क्षेत्र IV-V; MCT; DM अधिनियम 2005 त्रि-स्तर; GLOF।
विगत वर्ष प्रश्न
2013 की बाढ़ आपदा ने किस तीर्थ नगर को तबाह किया? (प्रीलिम्स 2018)
अभ्यास प्रश्न
1. 2013 की आकस्मिक बाढ़ आपदा ने मुख्यतः किस नगर को तबाह किया?
- केदारनाथ
- बद्रीनाथ
- गंगोत्री
- यमुनोत्री
उत्तर: केदारनाथ
जून 2013 की केदारनाथ आपदा में हज़ारों की मृत्यु हुई।