Devbhoomi PCSUKPCS & UKSSSC · उत्तराखंड परीक्षा तैयारी

उत्तराखंड की लोक-संस्कृति — चित्रकला, लोकगीत व नृत्य

गढ़वाल शैली चित्रकला, ऐपण जैसी लोक-चित्रकला, जागर व झोड़ा जैसे लोकगीत तथा छोलिया व पांडव नृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान हैं। दोनों परीक्षाओं में यह खंड सर्वाधिक अंक देता है।

गढ़वाल शैली चित्रकला

लोक-चित्रकला — ऐपण व अन्य

लोकगीत

लोकनृत्य

लोकवाद्य

रंगमंच व सिनेमा

विगत वर्ष प्रश्न

गढ़वाल चित्रशैली का सर्वश्रेष्ठ चित्रकार कौन माना जाता है? (प्रीलिम्स शैली)

अभ्यास प्रश्न

1. ऐपण लोककला को GI टैग किस वर्ष प्रदान किया गया?

  1. 2021-22
  2. 2016-17
  3. 2018-19
  4. 2023-24
उत्तर: 2021-22
कुमाऊँनी लोककला ऐपण को 2021-22 में भौगोलिक संकेतक टैग मिला।

2. सुलेमान शिकोह किस गढ़वाल नरेश के समय दो चित्रकारों के साथ गढ़वाल आया?

  1. पृथ्वीपति शाह
  2. फतेहशाह
  3. मानशाह
  4. अजयपाल
उत्तर: पृथ्वीपति शाह
1658 ई. में पृथ्वीपति शाह के शासनकाल में — यही गढ़वाल शैली का आरंभ-बिंदु माना जाता है।

3. 'जगरिया' किससे संबंधित है?

  1. जागर गायन
  2. छोलिया नृत्य
  3. ऐपण चित्रकला
  4. रणसिंघा वादन
उत्तर: जागर गायन
जागर गाने वाले गायक को जगरिया कहा जाता है।

4. उत्तराखंड का राज्य वाद्य कौन-सा है तथा कब घोषित हुआ?

  1. ढोल — 2015
  2. हुड़का — 2011
  3. दमाऊ — 2016
  4. रणसिंघा — 2013
उत्तर: ढोल — 2015
ढोल को 2015 में राज्य वाद्य घोषित किया गया।

5. गढ़वाल की पहली फ़िल्म कौन-सी थी?

  1. जग्वाल
  2. घरजवैं
  3. मेघा आ
  4. तेरी सौं
उत्तर: जग्वाल
'जग्वाल' (1983) गढ़वाल की पहली फ़िल्म; 'मेघा आ' पहली कुमाऊँनी फ़िल्म है।

6. पौड़ी की रामलीला को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में कब सम्मिलित किया गया?

  1. 2008
  2. 2001
  3. 2013
  4. 2016
उत्तर: 2008
पौड़ी की लगभग 125 वर्ष पुरानी रामलीला 2008 में सम्मिलित हुई।

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