उत्तराखंड के वन व वन पंचायत
18वीं भारत वन स्थिति रिपोर्ट (दिसंबर 2024 में जारी, ISFR 2023) के अनुसार राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 45.44% (24,303.83 वर्ग किमी) वन आवरण है। अभिलिखित वन क्षेत्र इससे बहुत अधिक — लगभग 71% — है; यह अंतर परीक्षा में जाल का काम करता है।
वन आवरण — आँकड़े
- अति सघन वन 5,266.58 वर्ग किमी (9.85%); मध्यम सघन वन 12,517.63 (23.40%); खुला वन 6,519.62 (12.19%); झाड़ी 412.88 (0.77%)। कुल वन आवरण 24,303.83 वर्ग किमी।
- 17वीं रिपोर्ट की तुलना में 18वीं रिपोर्ट में वन आवरण में 1.30 वर्ग किमी की मामूली कमी दर्ज हुई, यद्यपि प्रतिशत 45.44% ही रहा।
- क्षेत्रफल क्रम: सर्वाधिक वन क्षेत्र — पौड़ी गढ़वाल (3,360.55), उत्तरकाशी (3,023.86), नैनीताल (2,866.55), चमोली (2,641.30); न्यूनतम — ऊधम सिंह नगर (494.77), हरिद्वार (564.76)।
- प्रतिशत क्रम: सर्वाधिक वन प्रतिशत — चंपावत (69.06%), नैनीताल (67.43%), पौड़ी (63.07%), टिहरी (61.03%); न्यूनतम — ऊधम सिंह नगर (19.44%), हरिद्वार (23.93%)।
अभिलिखित वन क्षेत्र व प्रबंधन
- राज्य वन विभाग (2020-21) के अनुसार अभिलिखित वन क्षेत्र 37,999.06 वर्ग किमी (71.05%) — इसमें आरक्षित वन 26,547, संरक्षित वन 154.02, सिविल व सोयम वन 9,730.55, निजी वन 123.51 तथा अवर्गीकृत वन 444.51 वर्ग किमी।
- स्वामित्व की दृष्टि से — वन विभाग 68.06%, वन पंचायत 18.86%, राजस्व विभाग (सिविल-सोयम) 12.54%, शेष अन्य संगठनों के पास। कुल अभिलिखित वन का लगभग 63% गढ़वाल मंडल में है।
- प्रति व्यक्ति वन क्षेत्र 0.375 हेक्टेयर। ISFR 2023 के अनुसार वन प्रभागों में सर्वाधिक वन प्रतिशत टोंस वन प्रभाग (79.01%) में, फिर अपर यमुना बड़कोट (61.06%) व उत्तरकाशी वन प्रभाग (51.52%)।
ऊँचाई के अनुसार वितरण
- 0-500 मी. — 16.20%; 500-1000 मी. — 11.63%; 1000-2000 मी. — 41.26% (सर्वाधिक); 2000-3000 मी. — 23.61%; 3000-4000 मी. — 7.24%; 4000 मी. से ऊपर — मात्र 0.05%।
- ऊँचाई बढ़ने पर वन क्षेत्र पहले बढ़ता है, फिर एक सीमा के बाद घटने लगता है — 1000-2000 मीटर की पट्टी सर्वाधिक वनाच्छादित है।
संरक्षित क्षेत्र
- राष्ट्रीय उद्यान (6) — 5,006.76 वर्ग किमी; वन्यजीव विहार (7) — 2,683.73 वर्ग किमी; संरक्षण रिज़र्व (4) — 21,244.56 हेक्टेयर। राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 60% वन आवश्यक है — उत्तराखंड इस मानक से नीचे है।
विगत वर्ष प्रश्न
ISFR 2023 के अनुसार सर्वाधिक वन प्रतिशत वाला जनपद कौन-सा है? (प्रीलिम्स शैली)
अभ्यास प्रश्न
1. ISFR 2023 के अनुसार उत्तराखंड का वन आवरण प्रतिशत कितना है?
- 45.44%
- 71.05%
- 33.00%
- 61.03%
उत्तर: 45.44%
वन आवरण 45.44% (24,303.83 वर्ग किमी); 71.05% अभिलिखित वन क्षेत्र है — दोनों अलग हैं।
2. क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वन वाला जनपद कौन-सा है?
- पौड़ी गढ़वाल
- उत्तरकाशी
- चंपावत
- नैनीताल
उत्तर: पौड़ी गढ़वाल
पौड़ी गढ़वाल 3,360.55 वर्ग किमी; प्रतिशत की दृष्टि से चंपावत (69.06%) सर्वोच्च है।
3. किस ऊँचाई-पट्टी में सर्वाधिक वन क्षेत्र है?
- 1000–2000 मीटर
- 0–500 मीटर
- 2000–3000 मीटर
- 3000–4000 मीटर
उत्तर: 1000–2000 मीटर
1000-2000 मीटर की पट्टी में 41.26% वन — सर्वाधिक।
4. वन पंचायतों के अधीन राज्य का कितना वन क्षेत्र है?
- 18.86%
- 68.06%
- 12.54%
- 45.44%
उत्तर: 18.86%
वन पंचायत 18.86%; वन विभाग 68.06%; राजस्व विभाग 12.54%।
5. राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम कितना वन आवरण होना चाहिए?
- 60%
- 33%
- 25%
- 45%
उत्तर: 60%
पर्वतीय क्षेत्रों हेतु 60%, मैदानी हेतु 25%, तथा देश हेतु कुल 33%।