Devbhoomi PCSUKPCS & UKSSSC · उत्तराखंड परीक्षा तैयारी

उत्तराखंड के पर्व, मेले व महोत्सव

उत्तराखंड के पर्व कृषि-चक्र, ऋतु-परिवर्तन व स्थानीय देवताओं से जुड़े हैं। परीक्षा में प्रायः 'कौन-सा मेला किस जनपद में' के रूप में मिलान-प्रश्न आते हैं, इसलिए पर्व–स्थान जोड़ी याद रखना निर्णायक है।

प्रमुख पर्व

प्रसिद्ध मेले — जनपद सहित

विशिष्ट परंपराएँ

विगत वर्ष प्रश्न

बगवाल (पाषाण-युद्ध) किस मंदिर में आयोजित होता है? (प्रीलिम्स शैली)

अभ्यास प्रश्न

1. देवीधुरा की प्रसिद्ध बगवाल किस जनपद में होती है?

  1. चंपावत
  2. अल्मोड़ा
  3. बागेश्वर
  4. पिथौरागढ़
उत्तर: चंपावत
वाराही देवी मंदिर, देवीधुरा (चंपावत) में श्रावण पूर्णिमा पर।

2. जौलजीबी मेला किन दो नदियों के संगम पर लगता है?

  1. काली व गोरी
  2. अलकनंदा व भागीरथी
  3. पिंडर व अलकनंदा
  4. कोसी व सुयाल
उत्तर: काली व गोरी
पिथौरागढ़ में काली तथा गोरी नदियों के संगम पर।

3. हिलजात्रा पर्व का मुख्य पात्र कौन है?

  1. लाखिया भूत
  2. महासू देवता
  3. गोलू देवता
  4. नंदा
उत्तर: लाखिया भूत
पिथौरागढ़ की हिलजात्रा में 'लाखिया भूत' प्रमुख पात्र होता है।

4. उत्तरायणी मेला किस जनपद से संबंधित है, जहाँ 1921 में कुली बेगार समाप्त हुई?

  1. बागेश्वर
  2. अल्मोड़ा
  3. नैनीताल
  4. चमोली
उत्तर: बागेश्वर
बागेश्वर में मकर संक्रांति पर; 1921 में यहीं कुली बेगार प्रथा समाप्त की गई।

5. हरेला वर्ष में कितनी बार मनाया जाता है?

  1. तीन बार
  2. एक बार
  3. दो बार
  4. चार बार
उत्तर: तीन बार
चैत्र, श्रावण व आश्विन — तीन बार; श्रावण का हरेला सर्वाधिक प्रसिद्ध है।

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