उत्तराखंड के प्रमुख व्यक्तित्व
कालू महरा से लेकर गोविंद बल्लभ पंत तक — उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानी व समाज-सुधारक दोनों परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछे जाते हैं। उपाधि, जन्मस्थान व एक विशिष्ट योगदान — यही तीन बिंदु याद रखें।
1857 व आरंभिक संघर्ष
- कालू महरा: उत्तराखंड के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी; जन्म 1831, थुआ गाँव (लोहाघाट के निकट, वर्तमान चंपावत)। 1857 के विद्रोह के समय 'क्रांतिवीर' नामक गुप्त संगठन बनाकर कुमाऊँ में अंग्रेज़ों के विरुद्ध आंदोलन चलाया; उस समय कुमाऊँ कमिश्नर हेनरी रैमजे था। निधन 1906।
पत्रकारिता व जन-आंदोलन
- बद्रीदत्त पांडे: जन्म 15 फरवरी 1882, कनखल (हरिद्वार); उपाधि 'कुमाऊँ केसरी'। 1913 से प्रकाशित 'अल्मोड़ा अखबार' पर 1918 में प्रतिबंध लगने पर अल्मोड़ा से 'शक्ति' साप्ताहिक आरंभ किया। कुली उतार, कुली बेगार व कुली बर्दायश के विरुद्ध आंदोलन का सफल नेतृत्व; कारावास के दौरान 'कुमाऊँ का इतिहास' लिखा। 1962 के युद्ध में अपने दो स्वर्ण पदक सहित सभी सम्मान राष्ट्रीय रक्षा कोष में जमा किए।
- बैरिस्टर मुकुंदीलाल: जन्म 14 अक्टूबर 1885, पाटली गाँव (चमोली)। 1930 के पेशावर कांड के नायक चंद्र सिंह गढ़वाली को फाँसी से बचाने का श्रेय; 'तरुण कुमाऊँ' के संस्थापक-संपादक; मोलाराम के चित्रों को विश्व के सामने लाए; 1969 में 'गढ़वाली पेंटिंग्स' प्रकाशित।
- हरगोविंद पंत: जन्म 19 मई 1885, चितई (अल्मोड़ा)। 1928 में बागेश्वर में स्वयं हल चलाकर कुमाऊँ के उच्चवर्गीय ब्राह्मणों की हल न पकड़ने की प्रथा तोड़ी। 1916 में बद्रीदत्त पांडे, इंदुलाल शाह व लक्ष्मी चंद्र के साथ 'कुमाऊँ परिषद' की स्थापना; 'अल्मोड़ा कांग्रेस की रीढ़' कहे जाते हैं।
राष्ट्रीय राजनीति
- गोविंद बल्लभ पंत: जन्म 10 सितंबर 1887, खूँट गाँव (अल्मोड़ा); निधन 7 मार्च 1961। उपाधि 'हिमालय पुत्र' (नेहरू द्वारा)। 1937 में उनके नेतृत्व में उ.प्र. का प्रथम कांग्रेस मंत्रिमंडल बना; 1946 से दिसंबर 1954 तक उ.प्र. के मुख्यमंत्री; 10 जनवरी 1955 को देश के गृहमंत्री बने और आजीवन इस पद पर रहे। 1957 में भारत रत्न। 2016 से उनका जन्मदिन 'उत्तराखंड गौरव दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
क्षेत्रीय नेतृत्व — उपाधियाँ
- हर्षदेव ओली: 'कुमाऊँ केसरी' (कुमाऊँ का शेर); जन्म 4 मार्च 1890, गोसानी–खेतीखान (चंपावत)। कुली उतार/बेगार/बर्दायश आंदोलनों में सक्रिय; 1929 के लाहौर अधिवेशन में कुमाऊँ का प्रतिनिधित्व; 1924 में 'फॉरेस्ट ग्रीवांस कमेटी' के उपाध्यक्ष; अंग्रेज़ उन्हें 'कुमाऊँ का मुसोलिनी' कहते थे। निधन जून 1940, नैनीताल।
- अनुसूया प्रसाद बहुगुणा: 'गढ़ केसरी'; जन्म 18 फरवरी 1894, चमोली। 1921 में 'गढ़वाल युवा सम्मेलन' (श्रीनगर) के अध्यक्ष तथा गढ़वाल क्षेत्र में कुली बेगार विरोधी आंदोलन के नेता। निधन 23 मार्च 1943।
- खुशीराम आर्य: जन्म 13 दिसंबर 1886, हल्दूचौड़ (नैनीताल); आर्य समाजी। बाल-विवाह, मद्यपान व छुआछूत के विरुद्ध कुमाऊँ में जागरण; 'शिल्पकार विद्यालय' संचालित किए तथा दलितों के लिए 'शिल्पकार' नाम दिलाने में भूमिका। 1946 से 1967 तक विधायक; निधन 5 मई 1971।
- प्रयाग दत्त पंत: जन्म 1898, हलपती चंडाक (पिथौरागढ़); 1921 में असहयोग आंदोलन में कूदे, बरेली जेल में एक वर्ष का कठोर कारावास। उत्तराखंड की भूमि पर गांधीवादी आंदोलन आरंभ करने का श्रेय; 1935 में अल्पायु में निधन।
विगत वर्ष प्रश्न
उत्तराखंड के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी किसे माना जाता है? (प्रीलिम्स शैली)
अभ्यास प्रश्न
1. 'क्रांतिवीर' संगठन की स्थापना किसने की थी?
- कालू महरा
- हर्षदेव ओली
- बद्रीदत्त पांडे
- हरगोविंद पंत
उत्तर: कालू महरा
1857 के विद्रोह के समय कालू महरा ने कुमाऊँ में यह गुप्त संगठन बनाया।
2. गोविंद बल्लभ पंत को 'हिमालय पुत्र' की उपाधि किसने दी?
- जवाहरलाल नेहरू
- महात्मा गांधी
- सरदार पटेल
- राजेंद्र प्रसाद
उत्तर: जवाहरलाल नेहरू
पं. नेहरू ने उन्हें 'हिमालय पुत्र' कहा; 1957 में उन्हें भारत रत्न मिला।
3. 'अल्मोड़ा अखबार' पर प्रतिबंध के बाद बद्रीदत्त पांडे ने कौन-सा पत्र आरंभ किया?
- शक्ति
- तरुण कुमाऊँ
- गढ़वाली
- कर्मभूमि
उत्तर: शक्ति
1918 में प्रतिबंध के बाद अल्मोड़ा से 'शक्ति' साप्ताहिक आरंभ किया।
4. 'गढ़ केसरी' के नाम से कौन जाने जाते हैं?
- अनुसूया प्रसाद बहुगुणा
- हर्षदेव ओली
- बैरिस्टर मुकुंदीलाल
- बद्रीदत्त पांडे
उत्तर: अनुसूया प्रसाद बहुगुणा
अनुसूया प्रसाद बहुगुणा 'गढ़ केसरी' कहलाते हैं; हर्षदेव ओली 'कुमाऊँ का शेर'।
5. 'कुमाऊँ परिषद' की स्थापना किस वर्ष हुई?
- 1916
- 1921
- 1906
- 1928
उत्तर: 1916
1916 में हरगोविंद पंत, बद्रीदत्त पांडे, इंदुलाल शाह व लक्ष्मी चंद्र द्वारा।
6. उत्तराखंड गौरव दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
- 10 सितंबर
- 9 नवंबर
- 15 फरवरी
- 23 अप्रैल
उत्तर: 10 सितंबर
गोविंद बल्लभ पंत के जन्मदिन 10 सितंबर को, 2016 से।
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