उत्तराखंड के खनिज संसाधन
खनिज की दृष्टि से उत्तराखंड मध्यम श्रेणी का राज्य है; खनिज शिवालिक व लघु हिमालय की चट्टानों, दून तथा नदी घाटियों में मिलते हैं। सर्वेक्षण हेतु भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय गठित है।
चूना पत्थर व डोलोमाइट
- चूना पत्थर अल्मोड़ा, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी व चमोली में व्यापक रूप से; देहरादून में कालसी के निकट मंडाराम व बड़कोट क्षेत्र में सीमेंट-योग्य उच्च कोटि का चूना पत्थर।
- सर्वोत्तम कोटि का चूना पत्थर व डोलोमाइट चमोली के पीपलकोटी तथा रुद्रप्रयाग में। डोलोमाइट देहरादून, टिहरी व पिथौरागढ़ में — पोर्टलैंड सीमेंट, प्लास्टर ऑफ़ पेरिस व अम्ल निर्माण में प्रयुक्त।
मैग्नेसाइट व सेलखड़ी
- मैग्नेसाइट: कुमाऊँ मंडल के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर तथा गढ़वाल के चमोली में विशाल भंडार — यह क्षेत्र न केवल राज्य बल्कि देश का प्रमुख मैग्नेसाइट क्षेत्र है। बागेश्वर के झिरौली तथा पिथौरागढ़ के चंडाक क्षेत्र प्रमुख। लोहा, इस्पात व सीमेंट भट्ठियों में अग्निसह ईंट के रूप में प्रयुक्त।
- सेलखड़ी: चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर व अल्मोड़ा में; भारतीय खान ब्यूरो के अनुसार देश में सर्वाधिक भंडार राजस्थान (57%) तथा उसके बाद उत्तराखंड (25%) में — यह अनुपात प्रायः पूछा जाता है। प्रसाधन, पेंट, साबुन, कागज़ व वस्त्र उद्योग में प्रयुक्त।
अन्य खनिज
- संगमरमर — मुख्यतः देहरादून व टिहरी, गौणतः चमोली की अलकनंदा व बिरही गंगा घाटियों में; मसूरी में लगभग 40 लाख टन के भंडार।
- खड़िया — देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, बागेश्वर व नैनीताल; उर्वरक, पोर्टलैंड सीमेंट व प्लास्टर ऑफ़ पेरिस में प्रयुक्त। बागेश्वर के कांडा तहसील में खनन से मकानों में दरारें आने पर उच्च न्यायालय ने जनवरी 2025 में खड़िया खनन पर रोक लगाई।
- रॉक फॉस्फेट — देहरादून, टिहरी व नैनीताल (मसूरी, दुर्मला, किमोई, मसराना, मालदेवता); जिप्सम — देहरादून, नैनीताल, टिहरी व पौड़ी, अधिकांश उत्पादन पौड़ी से। ग्रेफ़ाइट — अल्मोड़ा, पौड़ी, नैनीताल; टिन — केवल चमोली; चाँदी — अल्मोड़ा।
- गंधक व सोना: गंधक की खोज सर्वप्रथम 1957 में चमोली के नंदप्रयाग के निकट रूपगंगा घाटी के सुतोल गाँव में हुई; देहरादून के सहस्रधारा जल में गंधक घुला है। सोना शारदा, रामगंगा, अलकनंदा व पिंडर नदियों की रेत में मिलता है।
विगत वर्ष प्रश्न
देश में सेलखड़ी के भंडार में उत्तराखंड का स्थान कौन-सा है? (प्रीलिम्स शैली)
अभ्यास प्रश्न
1. सेलखड़ी (टैल्क) के भंडार में राजस्थान के बाद कौन-सा राज्य दूसरे स्थान पर है?
- उत्तराखंड
- आंध्र प्रदेश
- बिहार
- छत्तीसगढ़
उत्तर: उत्तराखंड
राजस्थान 57%, उत्तराखंड 25%, शेष 18% अन्य राज्यों में।
2. राज्य में टिन किस जनपद में मिलता है?
- चमोली
- अल्मोड़ा
- पौड़ी
- नैनीताल
उत्तर: चमोली
टिन केवल चमोली में; चाँदी अल्मोड़ा में मिलती है।
3. उत्तराखंड में गंधक की खोज सर्वप्रथम कब व कहाँ हुई?
- 1957, सुतोल (चमोली)
- 1961, मसूरी
- 1948, सहस्रधारा
- 1972, झिरौली
उत्तर: 1957, सुतोल (चमोली)
1957 में नंदप्रयाग के निकट रूपगंगा घाटी के सुतोल गाँव में।
4. मैग्नेसाइट का प्रमुख उपयोग किसमें होता है?
- अग्निसह ईंट
- प्रसाधन सामग्री
- रासायनिक उर्वरक
- काँच निर्माण
उत्तर: अग्निसह ईंट
लोहा, इस्पात व सीमेंट भट्ठियों में अग्निसह ईंट के रूप में।
5. जनवरी 2025 में उच्च न्यायालय ने किस जनपद में खड़िया खनन पर रोक लगाई?
- बागेश्वर
- देहरादून
- टिहरी
- नैनीताल
उत्तर: बागेश्वर
कांडा तहसील में खनन से मकानों में दरारें आने पर बागेश्वर जनपद में रोक लगाई गई।