राष्ट्रीय आंदोलन II (1917–1947)
गांधी युग: चंपारण 1917, खेड़ा-अहमदाबाद 1918। रौलट → जलियाँवाला बाग 13 अप्रैल 1919। ख़िलाफ़त+असहयोग 1920–22 (चौरी-चौरा से वापसी)। साइमन 1928 (लाला लाजपत राय); पूर्ण स्वराज — लाहौर, 26 जनवरी 1930; दांडी 12 मार्च 1930 → सविनय अवज्ञा; गांधी-इरविन 1931; पूना पैक्ट 1932; 1935 अधिनियम। भारत छोड़ो 8 अगस्त 1942 — 'करो या मरो'; आज़ाद हिंद फ़ौज (बोस); कैबिनेट मिशन 1946; माउंटबेटन योजना → स्वतंत्रता अधिनियम 1947। उत्तराखंड-कोण: पेशावर कांड, 23 अप्रैल 1930 — चंद्रसिंह गढ़वाली के सैनिकों ने निहत्थों पर गोली चलाने से इनकार किया।
गांधी-आगमन व प्रारंभिक सत्याग्रह
- 1915 वापसी; चंपारण 1917 (तीनकठिया; राजकुमार शुक्ल), खेड़ा 1918 (पटेल), अहमदाबाद 1918 (भूख-हड़ताल)।
1919-1922
- रौलट → जलियाँवाला 13 अप्रैल 1919 (डायर; हंटर आयोग); ख़िलाफ़त+असहयोग 1920; चौरी-चौरा 5 फ़रवरी 1922 → वापसी; स्वराज पार्टी 1923 (सी.आर. दास-मोतीलाल)।
1928-1934
- साइमन 1928 (लालाजी की मृत्यु); नेहरू रिपोर्ट बनाम जिन्ना के 14 सूत्र; लाहौर 1929 — पूर्ण स्वराज (26 जनवरी 1930 पहला स्वाधीनता दिवस)।
- दांडी: 12 मार्च-6 अप्रैल 1930 (78 सत्याग्रही); धरसणा (सरोजिनी); गांधी-इरविन 5 मार्च 1931; सांप्रदायिक पंचाट 1932 → पूना पैक्ट (आंबेडकर)।
- पेशावर: 23 अप्रैल 1930 — चंद्रसिंह गढ़वाली के सैनिकों ने निहत्थे ख़ुदाई ख़िदमतगारों पर गोली चलाने से इनकार किया — उत्तराखंड का गौरव-क्षण।
1935-1947
- 1935 अधिनियम → 1937 मंत्रिमंडल → 1939 त्यागपत्र; क्रिप्स 1942 ('पोस्ट-डेटेड चेक'); भारत छोड़ो 8 अगस्त 1942 (गवालिया टैंक; भूमिगत — जेपी, अरुणा, उषा मेहता रेडियो)।
- आज़ाद हिंद — बोस (सरकार 21 अक्टूबर 1943; इम्फाल 1944); लाल क़िला मुक़दमे 1945; नौसेना विद्रोह फ़रवरी 1946; कैबिनेट मिशन 1946; माउंटबेटन योजना 3 जून → स्वतंत्रता अधिनियम (18 जुलाई 1947); रैडक्लिफ़-रेखा।
उत्तराखंड कोण
- कुली-बेगार का अंत — उत्तरायणी, बागेश्वर, 14 जनवरी 1921 (बद्रीदत्त पांडे); टिहरी में श्रीदेव सुमन — 84 दिन के अनशन में बलिदान (25 जुलाई 1944)।
परीक्षा-सूत्र
- 1917-1919-1922-1930-1942 रीढ़; पेशावर कांड; उत्तरायणी 1921; सुमन 1944; 78 सत्याग्रही।
विगत वर्ष प्रश्न
दांडी यात्रा; भारत छोड़ो (पैटर्न)
अभ्यास प्रश्न
1. दांडी यात्रा आरंभ हुई —
- 12 मार्च 1930
- 26 जनवरी 1930
- 8 अगस्त 1942
- 5 फरवरी 1922
उत्तर: 12 मार्च 1930
साबरमती से दांडी — नमक कानून तोड़ने 6 अप्रैल को।
2. 'करो या मरो' का नारा जुड़ा है —
- भारत छोड़ो 1942
- असहयोग 1920
- सविनय अवज्ञा 1930
- स्वदेशी 1905
उत्तर: भारत छोड़ो 1942
8 अगस्त 1942, बंबई अधिवेशन — गांधीजी का आह्वान।
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