नियोजन, गरीबी व बेरोज़गारी
भारत में नियोजित विकास 1951 से आरंभ हुआ; 2015 में योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग गठित हुआ। गरीबी व बेरोज़गारी के मापन-तंत्र व समितियाँ परीक्षा का स्थायी भाग हैं।
नियोजन का ढाँचा
- योजना आयोग की स्थापना 1950 में एक कार्यपालिका संकल्प द्वारा — यह न संवैधानिक निकाय था न वैधानिक। 1 जनवरी 2015 को इसके स्थान पर नीति आयोग (National Institution for Transforming India) गठित हुआ; अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं।
- राष्ट्रीय विकास परिषद (1952) योजनाओं के अनुमोदन हेतु; प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) हैरॉड-डोमर मॉडल पर कृषि-केंद्रित; द्वितीय (1956-61) महालनोबिस मॉडल पर उद्योग-केंद्रित। बारहवीं योजना (2012-17) अंतिम पंचवर्षीय योजना थी।
गरीबी — मापन व समितियाँ
- गरीबी रेखा का आकलन उपभोग-व्यय के आधार पर होता है। प्रमुख समितियाँ — दांडेकर व रथ (1971), वाई.के. अलघ (1979), लकड़वाला (1993), सुरेश तेंदुलकर (2009) तथा सी. रंगराजन (2014)।
- तेंदुलकर समिति ने कैलोरी-आधारित के स्थान पर व्यय-आधारित मानक अपनाया तथा शिक्षा व स्वास्थ्य व्यय को भी सम्मिलित किया; रंगराजन समिति ने गरीबी रेखा को ऊपर उठाया जिससे गरीबों का अनुपात बढ़ा।
- नीति आयोग का बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) तीन आयामों — स्वास्थ्य, शिक्षा व जीवन-स्तर — तथा 12 संकेतकों पर आधारित है, अर्थात् यह केवल आय पर नहीं टिकता।
बेरोज़गारी के प्रकार
- प्रच्छन्न (छिपी) बेरोज़गारी — कृषि में अधिक लोग लगे होने से सीमांत उत्पादकता शून्य; मौसमी — वर्ष के कुछ महीनों में काम न मिलना; संरचनात्मक — अर्थव्यवस्था की संरचना व कौशल में असंगति; चक्रीय — मंदी के दौर में; घर्षणात्मक — नौकरी बदलने के बीच की अवधि।
- आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2017-18 से राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय द्वारा; इसमें सामान्य स्थिति (US) तथा वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) दोनों मापक प्रयुक्त होते हैं।
- उत्तराखंड के संदर्भ में पर्वतीय जनपदों से मैदानों की ओर पलायन तथा 'मनीऑर्डर अर्थव्यवस्था' की प्रकृति बेरोज़गारी-प्रश्नों का राज्य-विशिष्ट कोण है।
पंचवर्षीय योजनाएँ — लक्ष्य व परिणाम
- प्रथम (1951-56) कृषि व सिंचाई पर केंद्रित, लक्ष्य से अधिक सफल; द्वितीय (1956-61) महालनोबिस मॉडल पर भारी उद्योग; तृतीय (1961-66) 'आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था' का लक्ष्य, किंतु युद्धों व सूखे से विफल — इसके बाद 1966-69 तीन वार्षिक योजनाएँ ('योजना अवकाश')।
- चौथी (1969-74) 'स्थिरता सहित विकास'; पाँचवीं (1974-79) 'गरीबी हटाओ' तथा आत्मनिर्भरता, एक वर्ष पूर्व समाप्त; छठी (1980-85) ने नेहरूवादी मॉडल से हटकर रोज़गार व गरीबी उन्मूलन पर बल दिया; आठवीं (1992-97) उदारीकरण के बाद की प्रथम योजना।
- ग्यारहवीं (2007-12) का नारा 'तीव्र एवं अधिक समावेशी विकास'; बारहवीं (2012-17) अंतिम योजना, नारा 'तीव्र, धारणीय एवं अधिक समावेशी विकास'। 2017 के बाद पंचवर्षीय योजनाओं का स्थान नीति आयोग के त्रिवर्षीय व दीर्घकालिक दस्तावेज़ों ने लिया।
विगत वर्ष प्रश्न
गरीबी रेखा के आकलन हेतु व्यय-आधारित मानक किस समिति ने अपनाया? (प्रीलिम्स शैली)
अभ्यास प्रश्न
1. नीति आयोग की स्थापना कब हुई?
- 1 जनवरी 2015
- 15 मार्च 1950
- 1 अप्रैल 2014
- 1 जनवरी 2016
उत्तर: 1 जनवरी 2015
योजना आयोग (1950) के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को।
2. द्वितीय पंचवर्षीय योजना किस मॉडल पर आधारित थी?
- महालनोबिस मॉडल
- हैरॉड-डोमर मॉडल
- गाडगिल मॉडल
- सोलो मॉडल
उत्तर: महालनोबिस मॉडल
द्वितीय योजना (1956-61) महालनोबिस मॉडल पर उद्योग-केंद्रित थी; प्रथम योजना हैरॉड-डोमर पर।
3. बहुआयामी गरीबी सूचकांक कितने आयामों पर आधारित है?
- तीन
- दो
- चार
- पाँच
उत्तर: तीन
स्वास्थ्य, शिक्षा व जीवन-स्तर — तीन आयाम तथा 12 संकेतक।
4. कृषि में सीमांत उत्पादकता शून्य होने की स्थिति किस बेरोज़गारी को दर्शाती है?
- प्रच्छन्न
- मौसमी
- चक्रीय
- घर्षणात्मक
उत्तर: प्रच्छन्न
प्रच्छन्न (छिपी) बेरोज़गारी की यही परिभाषिक विशेषता है।
5. 'योजना अवकाश' किस अवधि को कहा जाता है?
- 1966-69
- 1974-79
- 1980-85
- 1990-92
उत्तर: 1966-69
तृतीय योजना की विफलता के बाद 1966-69 में तीन वार्षिक योजनाएँ चलीं।
6. अंतिम पंचवर्षीय योजना कौन-सी थी?
- बारहवीं (2012-17)
- ग्यारहवीं (2007-12)
- तेरहवीं (2017-22)
- दसवीं (2002-07)
उत्तर: बारहवीं (2012-17)
बारहवीं योजना अंतिम थी; 2017 के बाद नीति आयोग के दस्तावेज़ों ने इनका स्थान लिया।
7. 'गरीबी हटाओ' का नारा किस पंचवर्षीय योजना से जुड़ा है?
- पाँचवीं
- तीसरी
- छठी
- आठवीं
उत्तर: पाँचवीं
पाँचवीं योजना (1974-79) का बल गरीबी उन्मूलन व आत्मनिर्भरता पर था; यह एक वर्ष पूर्व समाप्त कर दी गई।