मुहावरे व लोकोक्तियाँ
**मुहावरा** वाक्यांश होता है जो वाक्य में प्रयुक्त होकर विशेष अर्थ देता है; **लोकोक्ति** पूर्ण वाक्य होती है जो कोई अनुभव-सिद्ध बात कहती है। उदाहरण (मुहावरे): आँखों का तारा (अत्यंत प्रिय), नाकों चने चबाना (कठिनाई में डालना), लोहे के चने चबाना (अत्यंत कठिन कार्य), श्रीगणेश करना (आरंभ करना), अंगूठा दिखाना (देने से इनकार करना)। उदाहरण (लोकोक्तियाँ): नाच न जाने आँगन टेढ़ा, अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
मुहावरा बनाम लोकोक्ति
- मुहावरा वाक्यांश है — अपने आप में अधूरा, वाक्य में प्रयुक्त होकर ही पूरा अर्थ देता है, और उसका रूप वचन-काल के अनुसार बदलता है ('आँखों का तारा होना' → 'वह माँ की आँखों का तारा था')।
- लोकोक्ति पूर्ण वाक्य है, जो अपने आप में स्वतंत्र अर्थ रखती है और जिसका रूप नहीं बदलता ('नाच न जाने आँगन टेढ़ा')। परीक्षा प्रायः इसी भेद पर एक प्रश्न रखती है।
बहु-प्रयुक्त मुहावरे
- अंग-आधारित — आँखों का तारा (अत्यंत प्रिय), आँख का काँटा (शत्रु), नाक में दम करना (परेशान करना), कान भरना (चुगली करना), मुँह की खाना (हार जाना), हाथ मलना (पछताना), पेट में चूहे कूदना (तेज़ भूख लगना)।
- क्रिया-आधारित — लोहे के चने चबाना (कठिन काम करना), आसमान सिर पर उठाना (बहुत शोर करना), टेढ़ी खीर (कठिन कार्य), दाँत खट्टे करना (पराजित करना), गागर में सागर भरना (थोड़े में बहुत कहना), अंगूठा दिखाना (देने से इनकार करना), चार चाँद लगाना (शोभा बढ़ाना)।
- स्थिति-आधारित — घी के दिए जलाना (खुशियाँ मनाना), नौ-दो ग्यारह होना (भाग जाना), अपना उल्लू सीधा करना (स्वार्थ साधना), श्रीगणेश करना (आरंभ करना), तिल का ताड़ बनाना (छोटी बात बढ़ाना), आँखें बिछाना (स्वागत करना)।
बहु-प्रयुक्त लोकोक्तियाँ
- 'अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत' — समय निकल जाने पर पछतावा व्यर्थ। 'नाच न जाने आँगन टेढ़ा' — स्वयं में दोष होने पर दूसरों को दोष देना। 'ओखली में सिर दिया तो मूसल से क्या डर' — काम आरंभ कर दिया तो कठिनाई से डरना कैसा।
- 'दूर के ढोल सुहावने' — दूर की वस्तु आकर्षक लगती है। 'अंधों में काना राजा' — अयोग्यों के बीच थोड़ा योग्य भी बड़ा। 'का वर्षा जब कृषि सुखाने' — सहायता समय पर न मिले तो व्यर्थ। 'थोथा चना बाजे घना' — कम ज्ञान वाला अधिक बोलता है।
परीक्षा में प्रश्न-रूप
- तीन रूप सामान्य हैं — (1) मुहावरे का सही अर्थ चुनिए, (2) दिए गए अर्थ के लिए उपयुक्त मुहावरा चुनिए, (3) यह मुहावरा है या लोकोक्ति। अर्थ रटते समय शाब्दिक नहीं, लाक्षणिक अर्थ याद रखें।
विगत वर्ष प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
1. 'लोहे के चने चबाना' का अर्थ है —
- अत्यंत कठिन कार्य करना
- कठोर भोजन करना
- क्रोधित होना
- व्यर्थ परिश्रम करना
उत्तर: अत्यंत कठिन कार्य करना
यह मुहावरा असाधारण रूप से कठिन कार्य के लिए प्रयुक्त होता है।
2. मुहावरे और लोकोक्ति में मुख्य अंतर क्या है?
- मुहावरा वाक्यांश है, लोकोक्ति पूर्ण वाक्य
- मुहावरा लंबा होता है
- लोकोक्ति का अर्थ शाब्दिक होता है
- कोई अंतर नहीं
उत्तर: मुहावरा वाक्यांश है, लोकोक्ति पूर्ण वाक्य
मुहावरा वाक्य में ढलकर अर्थ देता है और रूप बदलता है; लोकोक्ति स्वतंत्र व अपरिवर्तित रहती है।
3. 'नौ-दो ग्यारह होना' का अर्थ है —
- भाग जाना
- गिनती करना
- झगड़ा करना
- धनी हो जाना
उत्तर: भाग जाना
यह मुहावरा चुपचाप खिसक जाने या भाग जाने के अर्थ में आता है।
4. 'अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत' — यह है एक —
- लोकोक्ति
- मुहावरा
- अलंकार
- समास
उत्तर: लोकोक्ति
यह पूर्ण वाक्य है तथा स्वतंत्र अर्थ देती है, अतः लोकोक्ति है।
5. 'गागर में सागर भरना' का अर्थ है —
- थोड़े शब्दों में बहुत कुछ कह देना
- असंभव कार्य करना
- जल संचय करना
- अत्यधिक परिश्रम करना
उत्तर: थोड़े शब्दों में बहुत कुछ कह देना
संक्षेप में गहन बात कहने की क्षमता के लिए यह मुहावरा प्रयुक्त होता है।
6. 'थोथा चना बाजे घना' किस भाव को व्यक्त करती है?
- कम ज्ञान वाला अधिक बोलता है
- गरीबी में शोर
- परिश्रम का फल
- एकता की शक्ति
उत्तर: कम ज्ञान वाला अधिक बोलता है
अल्पज्ञ व्यक्ति ही सर्वाधिक बड़बोला होता है — यही इसका आशय है।