भारतीय अर्थव्यवस्था: आधार
भारत एक मिश्रित अर्थव्यवस्था है, जो तीन क्षेत्रों में बँटी है: प्राथमिक (कृषि), द्वितीयक (उद्योग) व तृतीयक (सेवा)। सेवा क्षेत्र जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान देता है। पहले पंचवर्षीय योजनाएँ चलती थीं; अब नीति आयोग नीति-निर्धारण करता है।
मूल संकल्पनाएँ
- GDP: एक वर्ष में देश की सीमा के भीतर अंतिम वस्तुओं-सेवाओं का मूल्य; GSDP उसका राज्य-रूप।
- GNP-NNP: GNP = GDP + विदेश से निवल आय; NNP = GNP - मूल्यह्रास; प्रति व्यक्ति आय = NNP/जनसंख्या।
तीन क्षेत्रक
| क्षेत्रक | उदाहरण |
|---|---|
| प्राथमिक | कृषि, खनन |
| द्वितीयक | उद्योग, विनिर्माण |
| तृतीयक | सेवाएँ (भारत में सर्वाधिक GDP-अंश) |
मुद्रास्फीति
- CPI (उपभोक्ता) व WPI (थोक); माँग-प्रेरित बनाम लागत-प्रेरित; अपस्फीति बनाम विस्फीति; अवमुद्रण (stagflation) — मंदी+महँगाई।
नियोजन
- योजना आयोग (1950) → नीति आयोग (2015); पंचवर्षीय योजनाएँ (प्रथम 1951, हैरॉड-डोमर; द्वितीय — महालनोबिस, उद्योग)।
परीक्षा-सूत्र
- GDP बनाम GNP बनाम NNP; तीन क्षेत्रक; CPI/WPI; नीति आयोग 2015; महालनोबिस-द्वितीय योजना।
विगत वर्ष प्रश्न
भारत के जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान किस क्षेत्र का है? (प्रीलिम्स 2017)
अभ्यास प्रश्न
1. भारत के जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान किस क्षेत्र का है?
- सेवा क्षेत्र
- कृषि
- उद्योग
- खनन
उत्तर: सेवा क्षेत्र
तृतीयक (सेवा) क्षेत्र का योगदान सबसे बड़ा है।