भारत: मृदा, कृषि व संसाधन
मृदाएँ — जलोढ़ (सर्वाधिक विस्तृत), काली रेगुर (कपास), लाल, लैटेराइट; वनस्पति पेटियाँ; सिंचाई (नहर-कूप-तालाब) व जल-संसाधन (बहुउद्देशीय — भाखड़ा); कृषि ऋतुएँ — ख़रीफ़ (मानसून: धान), रबी (शीत: गेहूँ), ज़ायद; खनिज — लौह (ओडिशा-झारखंड पेटी), कोयला (दामोदर घाटी), बॉक्साइट; शक्ति — तापीय प्रधान, जल, नाभिकीय, नवीकरणीय।
मृदाएँ
| मृदा | क्षेत्र/फसल |
|---|---|
| जलोढ़ | सर्वाधिक विस्तृत; उ. मैदान; गेहूँ-धान |
| काली (रेगुर) | दक्कन लावा; कपास |
| लाल | प्रायद्वीप; बाजरा |
| लैटेराइट | आर्द्र ढाल; चाय-कॉफ़ी-काजू |
कृषि ऋतुएँ
- ख़रीफ़ (मानसून: धान, मक्का, कपास), रबी (शीत: गेहूँ, सरसों, चना), ज़ायद (ग्रीष्म: तरबूज़, ककड़ी)।
- हरित क्रांति: 1960 के दशक — गेहूँ-धान उपज-वृद्धि (पंजाब-हरियाणा-प.उ.प्र.); एम.एस. स्वामीनाथन।
खनिज व ऊर्जा
- लौह — ओडिशा-झारखंड-छत्तीसगढ़ पेटी; कोयला — दामोदर घाटी (झरिया, रानीगंज); बॉक्साइट — ओडिशा; अभ्रक — झारखंड-आंध्र।
- ऊर्जा: तापीय प्रधान; जल; नाभिकीय (तारापुर प्रथम); नवीकरणीय — सौर (भड़ला), पवन (तमिलनाडु)।
बहुउद्देशीय परियोजनाएँ
- भाखड़ा-नांगल (सतलुज), दामोदर घाटी निगम (DVC — प्रथम), हीराकुंड (महानदी — सबसे लंबा बाँध), नागार्जुन सागर (कृष्णा)।
परीक्षा-सूत्र
- रेगुर→कपास; ख़रीफ़-रबी-ज़ायद; दामोदर कोयला; हीराकुंड; भाखड़ा; DVC प्रथम; तारापुर।
विगत वर्ष प्रश्न
काली मिट्टी ↔ फसल (पैटर्न)
अभ्यास प्रश्न
1. काली (रेगुर) मिट्टी सर्वाधिक उपयुक्त है —
- कपास
- चाय
- जूट
- केसर
उत्तर: कपास
नमी-धारण करने वाली दक्कन-लावा मृदा — कपास की मिट्टी।
2. ख़रीफ़ फसलें बोई जाती हैं —
- मानसून आरंभ (जून-जुलाई)
- शीत ऋतु
- मार्च-अप्रैल
- पूरे वर्ष
उत्तर: मानसून आरंभ (जून-जुलाई)
धान-मक्का-कपास ख़रीफ़; गेहूँ-सरसों रबी।