भारत की अपवाह प्रणाली
हिमालयी नदियाँ — सदानीरा (हिम+वर्षा): सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र तंत्र; पूर्ववर्ती महाखड्ड। प्रायद्वीपीय — वर्षा-आधारित: पूर्ववाहिनी डेल्टा-निर्माता महानदी, गोदावरी ('दक्षिण गंगा' — सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय), कृष्णा, कावेरी; पश्चिमवाहिनी नर्मदा-ताप्ती — भ्रंश घाटियों से एश्चुअरी तक। उत्तराखंड-कोण: गंगा, यमुना व काली का उद्गम यहीं — 'उत्तराखंड की नदियाँ' विषय से जोड़ें।
दो नदी-परिवार
| पक्ष | हिमालयी | प्रायद्वीपीय |
|---|---|---|
| स्रोत | हिमनद — सदावाहिनी | वर्षा — मौसमी |
| मार्ग | महाखड्ड, विसर्प | संतुलित, सीधा |
| मुहाना | विशाल डेल्टा | पूर्व डेल्टा/पश्चिम ज्वारनदमुख |
हिमालयी तंत्र
- सिंधु: सहायक — झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलुज; सिंधु जल संधि 1960।
- गंगा: सहायक — यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी (बाईं); सोन (दाईं); सुंदरवन डेल्टा।
- ब्रह्मपुत्र: तिब्बत में सांग्पो; असम में गुंफित (braided) व बाढ़-प्रवण।
प्रायद्वीपीय नदियाँ
- पूर्ववाहिनी: महानदी, गोदावरी ('दक्षिण गंगा', सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय), कृष्णा, कावेरी ('द. भारत की गंगा')।
- पश्चिमवाहिनी: नर्मदा व ताप्ती — भ्रंश घाटियों से, ज्वारनदमुख (डेल्टा नहीं)।
उत्तराखंड कोण
- गंगा, यमुना व काली का उद्गम यहीं — भारत की अपवाह-कथा उत्तराखंड से आरंभ होती है।
परीक्षा-सूत्र
- हिमालयी बनाम प्रायद्वीपीय; गोदावरी सबसे बड़ी; नर्मदा-ताप्ती भ्रंश; सिंधु-सहायक; सिंधु संधि 1960।
विगत वर्ष प्रश्न
सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी? (पैटर्न)
अभ्यास प्रश्न
1. सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी —
- गोदावरी
- कृष्णा
- कावेरी
- महानदी
उत्तर: गोदावरी
'दक्षिण गंगा' गोदावरी — नासिक (त्र्यंबक) से बंगाल की खाड़ी।
2. भ्रंश घाटी से बहकर एश्चुअरी बनाने वाली —
- नर्मदा
- गोदावरी
- गंगा
- महानदी
उत्तर: नर्मदा
नर्मदा-ताप्ती पश्चिमवाहिनी हैं — डेल्टा नहीं बनातीं।