बैंकिंग व राजकोषीय नीति
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) देश का केंद्रीय बैंक है और रेपो दर जैसे उपकरणों से मौद्रिक नीति चलाकर मुद्रास्फीति व मुद्रा-आपूर्ति को नियंत्रित करता है। राजकोषीय नीति (कराधान व व्यय) सरकार द्वारा केंद्रीय बजट के माध्यम से तय होती है — यानी मौद्रिक = RBI, राजकोषीय = सरकार।
RBI
- स्थापना 1935 (हिल्टन-यंग आयोग की सिफ़ारिश); राष्ट्रीयकरण 1949; कार्य — मुद्रा-निर्गमन, बैंकों का बैंक, साख-नियंत्रण, विदेशी मुद्रा प्रबंधन।
मौद्रिक नीति उपकरण
| उपकरण | अर्थ |
|---|---|
| रेपो दर | RBI द्वारा बैंकों को अल्पकालिक उधार-दर |
| रिवर्स रेपो | RBI द्वारा बैंकों से उधार-दर |
| CRR | नकद आरक्षित अनुपात |
| SLR | सांविधिक तरलता अनुपात |
MPC व मुद्रास्फीति-लक्ष्य
- मौद्रिक नीति समिति — 6 सदस्य (3 RBI + 3 सरकार-मनोनीत); CPI लक्ष्य 4% (±2%); गवर्नर का निर्णायक मत।
बैंकिंग संरचना
- अनुसूचित बैंक (द्वितीय अनुसूची); SBI (1955, इंपीरियल से); बैंक-राष्ट्रीयकरण 1969 (14 बैंक); प्राथमिकता-क्षेत्र ऋण; जन धन योजना (वित्तीय समावेशन)।
परीक्षा-सूत्र
- RBI 1935/1949; रेपो-CRR-SLR; MPC 6 सदस्य 4±2%; राष्ट्रीयकरण 1969; SBI 1955।
विगत वर्ष प्रश्न
भारत की मौद्रिक नीति कौन-सी संस्था संचालित करती है? (प्रीलिम्स 2018)
अभ्यास प्रश्न
1. भारत की मौद्रिक नीति किसके द्वारा संचालित होती है?
- RBI
- SEBI
- वित्त मंत्रालय
- नीति आयोग
उत्तर: RBI
RBI मौद्रिक नीति का संचालक है; राजकोषीय नीति सरकार की होती है।